नवादा में जालसाजी का बड़ा खुलासा: दूसरे के पुश्तैनी मकान पर पत्नी के नाम ले लिया 20 लाख का लोन KDL News
नवादा में जालसाजी का बड़ा खुलासा: दूसरे के पुश्तैनी मकान पर पत्नी के नाम ले लिया 20 लाख का लोन
जाली दस्तावेज और वीडियो के सहारे बैंक से की ठगी, बैंककर्मियों के वसूली पर पहुंचने से खुला राज
सुनील कुमार
नवादा : जिले के हिसुआ प्रखंड से बैंकिंग धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां जालसाजों ने फर्जी कागजात और वीडियो के जरिए दूसरे व्यक्ति के पुश्तैनी मकान को गिरवी दिखाकर बैंक से 20 लाख रुपये का लोन हड़प लिया। पूरा फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ जब बैंककर्मी लोन की किस्त वसूलने असली मकान मालिक के दरवाजे पर पहुंच गए।
मामला हिसुआ प्रखंड की तुंगी पंचायत अंतर्गत रामपुर मंझवे गांव का है। गांव निवासी और पूर्व पैक्स अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद के पुत्र अंकित कुमार उर्फ जितेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार शाम बैंक के कुछ कर्मचारी उनके घर पहुंचे।
कर्मचारियों ने कहा कि वे "सुलेखा देवी, पति हीरा विश्वकर्मा" के नाम पर स्वीकृत 20 लाख रुपये के लोन की वसूली करने आए हैं। यह सुनकर अंकित और उनका परिवार दंग रह गया क्योंकि लोन उनके ही पुश्तैनी मकान के कागजात पर लिया गया था, जबकि मकान पर उनका ही कब्जा है।
अंकित यादव ने बताया _"हमने बैंककर्मियों से पूछा तो पता चला कि हमारे मकान के फर्जी दस्तावेज और वीडियो बनाकर लोन पास कराया गया है। हमें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।"
पीड़ित परिवार ने गुरुवार को हिसुआ थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनके पड़ोसी ने साजिश के तहत उनके मकान के नकली दस्तावेज तैयार किए और वीडियो बना कर बैंक में जमा कर दिए। इसी के आधार पर उनकी पत्नी के नाम से 20 लाख रुपये का आवास/व्यवसायिक लोन स्वीकृत करवा लिया गया। शिकायत में तीन लोगों को नामजद किया गया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बैंक से जुड़े सभी कागजात खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्य और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
वहीं बैंक प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है कि लोन पास करते समय वेरिफिकेशन में कहां चूक हुई।
इस फर्जीवाड़े के 3 बड़े प्वाइंट
1. वसूली से खुला राज : अगर बैंककर्मी वसूली के लिए नहीं आते तो पीड़ित परिवार को शायद कभी पता भी नहीं चलता कि उनके नाम पर लोन चल रहा है।
2. फर्जी दस्तावेज + वीडियो : जालसाजों ने सिर्फ कागज ही नहीं, मकान का वीडियो भी बनाकर बैंक को गुमराह किया।
3. पुश्तैनी संपत्ति निशाने पर : ठगों ने पुराने मकान को टारगेट किया क्योंकि उसके कागजात आसानी से हेराफेरी के शिकार हो सकते हैं।
इस घटना के बाद बैंक और पुलिस प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कि जमीन, मकान के ओरिजिनल पेपर, फोटो, वीडियो और खतियान को लॉकर में रखें। समय-समय पर अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते रहें। किसी अनजान लोन की जानकारी मिले तो तुरंत बैंक को बताएं।अगर कोई आपकी प्रॉपर्टी की फोटो या वीडियो बनाता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
गांव में इस घटना के बाद लोगों में काफी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी दस्तावेज के सहारे गरीबों की संपत्ति हड़पने का यह नया तरीका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गिरोहों पर जल्द लगाम लगाई जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बैंक से लोन स्वीकृति की पूरी फाइल जब्त कर ली गई है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।















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