इरफ़ान से आत्मीय मुलाक़ात: लोकतंत्र और संविधान की उम्मीद का एक नाम
इरफ़ान से आत्मीय मुलाक़ात: लोकतंत्र और संविधान की उम्मीद का एक नाम
आज शाम इरफ़ान बाबू घर आए। घंटों तक उनसे आत्मीय बातचीत हुई। दिन में राहुल गांधी जी उनके घर गए थे, इसलिए इरफ़ान बेहद खुश और उत्साहित थे। उन्होंने राहुल जी से हुई मुलाक़ात और बातचीत के कई दिलचस्प क़िस्से साझा किए। इस दौरान उन्होंने मेरी कई पुरानी नज़्में भी बड़े स्नेह से सुनाईं।
इरफ़ान जैसे युवा हमारे लोकतंत्र और संविधान की प्रस्तावना की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनके विचार, संवेदनशीलता और साहस इस बात का प्रमाण हैं कि देश का भविष्य जागरूक युवाओं के हाथों में सुरक्षित है। उनके ज़मीर की यही ज़िंदादिली और हिम्मत हमेशा बरक़रार रहे, यही कामना है।
इस अवसर पर हमने इरफ़ान की हिम्मत, सकारात्मक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान किया। साथ ही उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी ढेर सारी शुभकामनाएँ और मुहब्बतें भी प्रेषित कीं।
इरफ़ान, आप यूँ ही मुस्कराते रहिए।















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