हर गांव और पंचायत में विकास की बदहाल तस्वीर देखकर सवाल उठना लाज़िमी है
चुनाव के समय अगर वोट जाति, नोट, शराब, मुर्गा-भात या किसी लालच के आधार पर दिया जाएगा, तो चुनाव जीतने के बाद विकास की उम्मीद करना भी मुश्किल होगा।
सिर्फ मुखिया को दोष देना पर्याप्त नहीं है। लोकतंत्र में जनता की भी उतनी ही जिम्मेदारी है जैसा जनप्रतिनिधि हम चुनेंगे, वैसा ही विकास हमें मिलेगा
इस बार वोट किसी लालच में नहीं, बल्कि उम्मीदवार के काम, ईमानदारी, शिक्षा और विकास की सोच को देखकर दें।
याद रखिए एक वोट पूरे गांव का भविष्य तय करता है।
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।
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