कौआकोल में जमीन विवाद गहराया, योगी त्यागनाथ ने LPC और दखल-कब्जा प्रमाणपत्र दिखाकर उठाए सवाल | KDL News
नवादा (कौआकोल): कथित अतिक्रमण नोटिस मिलने के बाद योगी त्यागनाथ ने दावा किया है कि उनकी जमीन पुश्तैनी है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (LPC), दखल-कब्जा प्रमाणपत्र और वर्षों से लगान जमा करने से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं।
योगी त्यागनाथ का कहना है कि उनकी जमीन की बंदोबस्ती लगभग 30 वर्ष पहले हुई थी, जमाबंदी वर्षों से कायम है और कई बार दखल-कब्जा प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। इसके बावजूद उन्हें अतिक्रमण का नोटिस दिया गया है।
वहीं, अंचल कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में कार्रवाई का आधार बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत कथित अतिक्रमण बताया गया है और संबंधित पक्ष को सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
अस्वीकरण: इस मामले में दोनों पक्षों के दावों की अंतिम पुष्टि सक्षम राजस्व प्राधिकारी या न्यायालय के निर्णय के बाद ही होगी

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