नवादा में दफादार-चौकीदार पंचायत की बैठक, 16 सितंबर को पटना महाधरना में शामिल होने का निर्णय
नवादा। बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की जिला इकाई नवादा की बैठक रविवार को स्थानीय अंबेदकर पार्क में जिला अध्यक्ष शाहजाद खाँ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सचिव डॉ. संत सिंह मौजूद रहे। संचालन जिला महासचिव विनोद कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्य सचिव डॉ. संत सिंह ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर दफादार-चौकीदारों के कार्यों में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 36 वर्षों की सेवा के बावजूद दफादार-चौकीदारों को अब तक प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि नवादा जिले में दफादार-चौकीदारों की संख्या करीब 66 है। इनमें भी कुछ ही कर्मियों को एसीपी/एमएसीपी का लाभ मिल सका है। उन्होंने दावा किया कि कई दफादार-चौकीदार बिना इस लाभ के ही सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत हो गए।
डॉ. सिंह ने कहा कि 2023 में कराए गए प्रशिक्षण का हरजा भत्ता भी अब तक कर्मियों को नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा दफादार-चौकीदारों से चौकीदारी के साथ खाकी ड्यूटी, बैंक ड्यूटी और नीली निशान ड्यूटी जैसे कार्य लिए जा रहे हैं, लेकिन नवादा में इन कार्यों को लेकर कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में स्वास्थ्य शाखा के प्रधान लिपिक उमेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 16 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित घेराव प्रदर्शन सह महाधरना को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में दफादार-चौकीदार शामिल होंगे।
इस अवसर पर आत्मा मिथुन पासवान, पिन्टू कुमार, कमलेश कुमार, सिंधु कुमार, प्रदीप कुमार, बिन्दु कुमार, विष्णुदेव प्रसाद, रंजीत कुमार, सुनील राजवंशी, सीतो राजवंशी, मनोज कुमार, रतन राजवंशी सहित कई दफादार-चौकीदार मौजूद रहे।















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