नवादा में राजद का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन; चुनाव रद्द कर बैलेट पेपर से मतदान की मांग
नवादा। बिहार और बंगाल चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजद का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित तौर पर “वोट की डकैती” की है। पार्टी ने बिहार और बंगाल के चुनाव को रद्द कर दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।
इसी मांग को लेकर शुक्रवार को राजद की नवादा इकाई ने नगर थाना के समीप चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
राजद जिलाध्यक्ष उदय यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR के नाम पर गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए बिहार और बंगाल में चुनाव रद्द कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।
राजद नेत्री एवं पूर्व रजौली विधानसभा प्रत्याशी पिंकी भारती ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावी प्रक्रिया के जरिए सत्ता में बने रहना चाहती है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए “वोट चोरी” के मुद्दे का हवाला देते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित नहीं किया तो राजद सड़क से सदन तक आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन के दौरान राजद के जिला महासचिव उमेश कुशवाहा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मेराज खान, के.वी. यादव सहित कई वरिष्ठ नेता, प्रखंड अध्यक्ष, युवा राजद, महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 25 सितंबर को बिहार के विभिन्न जिला मुख्यालयों में राजद की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।















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